कोर्ट मैरिज कैसे होता है: विस्तार से समझें, प्रक्रिया, और लाभ | Court Marriage Process in Hindi [2023]

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जानिए कोर्ट मैरिज कैसे होता है! इस आर्टिकल में हम विस्तार से समझेंगे कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़, और उससे प्राप्त होने वाले लाभ.. आदि के बारे में विस्तार से… तो अपनी पसंद के साथ शादी करने के लिए कोर्ट मैरिज एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

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कोर्ट मैरिज कैसे होता है- (court marriage kaise hota hai)

आज हम बात करेंगे कोर्ट मैरिज के बारे में। “कोर्ट मैरिज कैसे होता है?” अगर आप एक दूल्हा या दुल्हन हैं और अपनी प्रेमिका या प्रेमी के साथ शादी करना चाहते हैं, तो कोर्ट मैरिज एक आसान और कानूनी तरीका हो सकता है। इस लेख में हम कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझेंगे। आप इसे पूरा पढ़कर कोर्ट मैरिज के सभी पहलुओं को समझ पाएंगे!

Table of Contents

कोर्ट मैरिज- सामाजिक सुधार और विवाह के नए मोड़

देखिए, कोर्ट मैरिज एक सामाजिक सुधार है जहां लोग बिना किसी सामाजिक प्रथा या धार्मिक रीति-रिवाज के अपनी प्रेमिका या प्रेमी के साथ शादी कर सकते हैं। यह शादी की प्रक्रिया कानूनी होती है और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है। इस प्रक्रिया में, पति-पत्नी को शादी के सभी अधिकार और जिम्मेदारियाँ मिलती हैं, जैसे कि दूसरी शादियों में होता है।

कोर्ट मैरिज करने के कुछ खास फायदे होते हैं। सबसे पहला फायदा यह है कि कोर्ट मैरिज के लिए कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ता। यह एक सस्ता तरीका है शादी करने का। दूसरा फायदा यह है कि कोर्ट मैरिज को सरकार मानती है और यह सरकारी दस्तावेज़ (डॉक्यूमेंट्स) प्रदान करता है। आप कोर्ट मैरिज के दस्तावेज़ के आधार पर अपना पति-पत्नी का रिलेशनशिप प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया ( कोर्ट मैरिज के नियम )- Court marriage Process in Hindi

दोस्तों चलिए अब कोर्ट मैरिज की प्रोसेस यानी प्रक्रिया के बारे में बात करते हैं। कोर्ट मैरिज करने के लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और स्टेप्स फ़ॉलो करने होते हैं। चलिए हम इस प्रक्रिया को स्टेप-बाय-स्टेप समझें:

  1. मैरिज नोटिस: सबसे पहले, आपको अपने स्थानीय मैरिज रजिस्ट्रार कार्यालय में जाना होगा और एक मैरिज नोटिस फ़ाइल करनी होगी। इस नोटिस में आपको अपने और अपने पार्टनर के बारे में जानकारी देनी होगी, जैसे नाम, पता, उम्र, और शादी करने की इच्छा।
  1. नोटिस पब्लिश: मैरिज नोटिस को रजिस्ट्रार कार्यालय में दाखिल करने के बाद, एक नोटिस को सार्वजनिक रूप से प्रकाशित किया जाता है। इस नोटिस को कुछ समय तक प्रकाशित किया जाता है ताकि कोई यदि उसमें किसी विरोध या आपत्ति हो, तो उसे उठा सके।
  2. वैधानिक दस्तावेज़: कोर्ट मैरिज के लिए, आपके पास कुछ वैधानिक दस्तावेज़ होने चाहिए। ये दस्तावेज़ आपके नगर निगम, नगर पालिका, या अन्य अधिकारिक विभाग से प्राप्त हो सकते हैं। इसमें आपके उम्र, पता, और फ़ोटो सहित वैधानिक दस्तावेज़ शामिल होते हैं।
  3. गवाह: कोर्ट मैरिज के दौरान, आपको कुछ गवाह की जरूरत होगी। गवाह आपके परिवार के सदस्य या दोस्त हो सकते हैं। गवाह की संख्या और उनके दस्तावेज़ की आवश्यकता भी स्थान-स्थान पर अलग-अलग हो सकती हैं। आप अपने स्थानीय मैरिज रजिस्ट्रार कार्यालय से सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
  1. शादी का समय और स्थान: कोर्ट मैरिज की शादी का समय और स्थान आपके और आपके पार्टनर की सुविधा के अनुसार निर्धारित होता है। आप अपने रजिस्ट्रार कार्यालय से बात करके एक समय और स्थान का निर्धारण कर सकते हैं।
  2. शादी अद्यतन और पंजीकरण: शादी के दिन, आपको अपने पार्टनर के सामरिक और कानूनी बयान के साथ रजिस्ट्रार के सामक्ष जाना होगा। यह एक संपूर्णीकरण प्रक्रिया है जहां आपके और आपके पार्टनर के हस्ताक्षर होते हैं और आपको विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त होता है। इस प्रमाणपत्र को आपको अपने नगर निगम या नगर पालिका के रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत करवाना होगा।
  3. विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र: विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र आपको कई राजनीतिक और कानूनी लाभ प्रदान कर सकता है। इस प्रमाणपत्र का उपयोग आप अपने पति-पत्नी के रिश्ते को साबित करने, विवादों के समय और आपके अधिकार के बारे में न्यायिक दफ़्तरों में सहायता के लिए कर सकते हैं।
  1. दोबारा पंजीकरण: अगर आपने पहले से ही शादी कर ली है और आपको अपनी शादी को कोर्ट मैरिज के रूप में पंजीकृत करना है, तो आपको एक दोबारा पंजीकरण प्रोसेस फॉलो करनी होगी। इसके लिए, आपको अपने पति-पत्नी के साथ रजिस्ट्रार के पास जाकर आवेदन करना होगा और उन्हें आवश्यक दस्तावेज़ प्रदान करने होंगे।

Note:- ध्यान दें कि कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया राज्यों और क्षेत्रों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है, इसलिए आपको अपने स्थानीय नियमों और विधियों की जांच करनी चाहिए। किसी भी संदेह या समस्या के मामले में, आपको वकील की सलाह लेना चाहिए।

कोर्ट मैरिज के लाभ-Benefits of Court Marriage

कोर्ट मैरिज के कई लाभ होते हैं। यह एक सामाजिक सुधार है जो लोगों को अपनी पसंद के साथ शादी करने का अवसर देता है। यह किसी विशेष जाति, धर्म, या समाजिक प्रथा से अलग होने की स्वतंत्रता प्रदान करता है। कोर्ट मैरिज आपको अपने शादी की तारीख और स्थान का निर्धारण करने की स्वतंत्रता देता है। इसके साथ ही, यह आपको सरकारी दस्तावेज़ प्रदान करता है जो आपके रिश्ते की पुष्टि करते हैं और आपको अपने हक़ों की सुरक्षा प्रदान करते हैं।

कोर्ट मैरिज vs ट्रेडिशनल शादी

कोर्ट मैरिज और ट्रेडिशनल शादी में एक बड़ा अंतर होता है। कोर्ट मैरिज एक कानूनी प्रक्रिया है, जहां आप अपनी शादी को कोर्ट के सामरिक तौर पर पंजीकृत करते हैं। यह आपको सरकारी मान्यता प्रदान करता है और इससे आपको कानूनी लाभ भी प्राप्त होता है।

उदाहरण के लिए, एक जोड़ा जो अपनी शादी को कोर्ट मैरिज के रूप में रजिस्टर करता है, उन्हें एक विवाह प्रमाणपत्र (Marriage Certificate) मिलता है जो उनके विवाह को कानूनी रूप से साबित करता है। इससे उन्हें सरकारी दस्तावेज़ में भी उचित मान्यता मिलती है जैसे कि पासपोर्ट, बैंक खाता, और सरकारी योजनाओं में लाभ प्राप्त करने में मदद मिलती है।

वहीं, ट्रेडिशनल शादी सामाजिक और संस्कृतिक प्रक्रिया है, जिसमें विवाह संबंधित परंपराओं और रीति-रिवाज़ का पालन किया जाता है। इसमें विवाहीत जोड़े विवाह सामग्री और रस्मों के साथ विवाह करते हैं, जैसे कि अंगूठी पहनाना, मंगलसूत्र धारण करना, और फेरे लेना। यह शादी व्यक्ति के परिवार और समाज की परंपराओं के अनुसार होती है और उन्हें संघर्षित करने की आवश्यकता नहीं होती है।

इस प्रकार, कोर्ट मैरिज और ट्रेडिशनल शादी एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होते हैं। कोर्ट मैरिज कानूनी और तकनीकी होती है जबकि ट्रेडिशनल शादी सामाजिक और संस्कृतिक होती है। आपके विचारों, परिवार के मान्यताओं, और पसंदों के आधार पर आप दोनों में से किसी एक को चुन सकते हैं। या आप दोनों कर सकते हैं. ऐसा करना आपके लिए बेहतर हो सकता है. इस तरीके से आप अपने संस्कृति को जिंदा करते हुए कानूनी ऐतबार से भी अपने रिश्ते को मजबूती दे सकते हैं.

FAQs- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Court Marriage in India)

कोर्ट मैरिज क्या होता है?

उत्तर: कोर्ट मैरिज एक कानूनी प्रक्रिया है जिसमें विवाहीत जोड़े अपनी शादी को सामाजिक और कानूनी तौर पर मान्यता प्राप्त करते हैं। इसमें विवाहीत जोड़े को कोर्ट द्वारा आवेदित की जाती है और उन्हें एक विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त होता है।

कोर्ट मैरिज करवाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?

उत्तर: कोर्ट मैरिज के लिए आपके पास आवश्यकता होती है: पहचान प्रमाणपत्र, पता प्रमाणपत्र, उम्र प्रमाणपत्र, शादी के बयान की प्रतियाँ, फ़ोटो और गवाहों के दस्तावेज़।

कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया कितनी समय लेती है?

उत्तर: कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया सामान्यतः कुछ हफ्तों तक सम्पूर्ण हो जाती है। नोटिस पब्लिश करने और शादी के दिन रजिस्ट्रार के सामक्ष जाने जैसे कदम इस प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।

क्या कोर्ट मैरिज की जरूरत है?

उत्तर: कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया आपको सामाजिक और कानूनी मान्यता प्रदान करती है। यह आपके विवाह को साबित करने, राजनीतिक और कानूनी लाभ प्राप्त करने और अपने अधिकारों की सुरक्षा प्रदान करने में मदद कर सकती है।

क्या मैं अपनी इच्छानुसार कोर्ट मैरिज कर सकता हूँ?

उत्तर: हाँ, कोर्ट मैरिज आपको अपनी इच्छा के अनुसार शादी करने का अवसर देता है। यह किसी विशेष जाति, धर्म, या समाजिक प्रथा से अलग होने की स्वतंत्रता प्रदान करता है।

कोर्ट मैरिज का वैधानिक महत्व क्या है? (Importance of Court Marriage)

उत्तर: कोर्ट मैरिज आपको सरकारी दस्तावेज़ प्रदान करता है जो आपके विवाह की पुष्टि करते हैं और आपको आपके हक़ों की सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह आपको न्यायिक दफ़्तरों में सहायता कर सकता है जब आपको विवाद के बारे में जानकारी और सुरक्षा की आवश्यकता हो।

क्या मैं अपनी शादी को कोर्ट मैरिज के रूप में पंजीकृत कर सकता हूँ अगर मैं पहले से ही शादी कर चुका हूँ?

उत्तर: हाँ, आप अपनी पहले से ही की गई शादी को कोर्ट मैरिज के रूप में पंजीकृत कर सकते हैं। इसके लिए, आपको एक दोबारा पंजीकरण प्रोसेस फॉलो करनी होगी जिसमें आपको अपने पति-पत्नी के साथ रजिस्ट्रार के पास जाकर आवेदन करना होगा और आवश्यक दस्तावेज़ प्रदान करने होंगे।

कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया क्या राज्यों और क्षेत्रों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है?

उत्तर: हाँ, कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया राज्यों और क्षेत्रों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। आपको अपने स्थानीय नियमों और विधियों की जांच करनी चाहिए।

कोर्ट मैरिज के फायदे क्या हैं? (कोर्ट में शादी करने से क्या फायदा है?)

उत्तर: कोर्ट मैरिज के कई फायदे होते हैं। यह आपको अपनी पसंद के साथ शादी करने का अवसर देता है, सामाजिक सुधार है, और आपको राजनीतिक और कानूनी लाभ प्रदान करता है। इसके साथ ही, यह आपको सरकारी दस्तावेज़ प्रदान करता है जो आपके विवाह की पुष्टि करते हैं और आपको अपने हक़ों की सुरक्षा प्रदान करते हैं।

क्या कोर्ट मैरिज करवाने के लिए वकील की सलाह लेना जरूरी है?

उत्तर: हम सलाह देते हैं कि आप कोर्ट मैरिज करवाने से पहले वकील से परामर्श लें। वकील आपको सही जानकारी, कानूनी सलाह, और प्रक्रिया की जानकारी प्रदान कर सकते हैं ताकि आपका विवाह संबंधित कानूनों के अनुरूप हो सके और कोई दिक्कत न उठें। यदि आपकी स्थिति ज्यादा जटिल है या आपके विवाद हैं, तो वकील की मदद आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

Q: कोर्ट मैरिज करने पर कितना खर्च आता है?

A: कोर्ट मैरिज का खर्च आपके स्थानीय कोर्ट और राज्य के नियमों पर निर्भर करेगा। सामान्यतः, कोर्ट शुल्क, दस्तावेज़ों की शुल्क, विवाह पंजीकरण शुल्क और प्रमाणपत्रों का शुल्क शामिल हो सकता है। यह खर्च विभिन्न राज्यों और न्यायालयों में भिन्न हो सकता है, इसलिए अधिक जानकारी के लिए स्थानीय न्यायालय से संपर्क करें।

Q: क्या कोर्ट मैरिज 1 दिन में हो सकती है?

A: हां, कोर्ट मैरिज को एक दिन में पूरा किया जा सकता है। यह व्यक्ति के इच्छानुसार भी निर्भर करता है और उसके आपूर्ति के अनुसार शामिल होता है। आपको अपने कोर्ट के नियमों और प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए समय समय पर जरूरत हो सकती है।

Q: बिना कोर्ट जाए कोर्ट मैरिज कैसे करें?

A: कोर्ट मैरिज को बिना कोर्ट जाए करने के लिए, आपको विवाह विधिक नोटरी से संपर्क करना होगा। वे आपको कानूनी तौर पर विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया में मदद करेंगे। इसके लिए आपको अपनी पासपोर्ट साइज़ फोटो, पहचान पत्र, तथा उम्र, पता, और वैवाहिक स्थिति से संबंधित दस्तावेज़ प्रदान करने की आवश्यकता होगी।

Q: क्या कोर्ट मैरिज भारत में पैसा देती है?

A: नहीं, कोर्ट मैरिज भारत में पैसा नहीं देती है। हालांकि, कोर्ट मैरिज के दौरान कुछ शुल्कों को भुगतान करना पड़ सकता है, जैसे कि विवाह पंजीकरण शुल्क, नियमित कोर्ट शुल्क, और दस्तावेज़ों की शुल्क। इन शुल्कों की राशि न्यायालय की निर्धारित फीस से अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय न्यायालय से संपर्क करें और विवरण प्राप्त करें।

निष्कर्ष:

तो दोस्तों उम्मीद है कि इस लेख में “आपको कोर्ट मैरिज कैसे होता है, कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया, कोर्ट मैरिज के लाभ, कोर्ट मैरिज का वैधानिक महत्व, कोर्ट मैरिज के दस्तावेज़, कोर्ट मैरिज के नियम, कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया और समय आदि” से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। लेकिन फिर भी अगर आपके मन में कोर्ट मैरिज से जुड़ी हुई कोई भी सवाल है तो, आप हमें नीचे कमेंट में जरूर बताएं! इसके अलावा इस लेख के जरिए हमारा यह प्रयास आपको कैसा लगा यह भी हमें जरूर बताएं! हमें आपके कमेंट का इंतजार रहेगा!

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